प्रवेश परीक्षा पैटर्न-
AIIMS के लिए आयोजित की जाने वाली प्रवेश परीक्षा में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी विषयों पर आधारित 60-60 प्रश्न होते है इसके अलावा अंग्रेजी और रिजनिंग विषय के भी प्रश्न होते है। परीक्षा का कुल समय साढ़े तीन घंटे का होता है। AIIMS की प्रवेश परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों का स्तर बाकी मेडिकल की परीक्षाओं की तुलना में थोड़ा उंचा होता है ताकि अच्छे और उच्च प्रशिक्षित प्रत्याशी ही परीक्षा में सफल हो सके। वैसे तो इस परीक्षा में 11वीं और 12वीं के सिलेबस को ही शामिल किया जाता है लेकिन AIIMS का स्टैंडर्ड उंचा होने के कारण इसका पेपर टफ बनाया जाता है। कुल 200 प्रश्न पूछे जाते है और परीक्षा की अवधी 3:30 घंटे की होती है। माइनस मार्किंग के रूप में हर तीन गलत उत्तरों के लिए एक अंक काट लिया जाता
ऐसे करें तैयारी-
-अगर आप भी डॉक्टर बनने का सपना देख रहे है और AIIMS से पढ़ाई करना चाहते है तो आपके लिए सबसे जरूरी है कि आप हर टॉपिक का अच्छे से अध्ययन करें। खासकर एनसीईआरटी के सिलेबस से तैयारी करें। इस परीक्षा में फिजिक्स और केमिस्ट्री के अधिकतर प्रश्न केलकुलैशन पर आधारित होते है इसलिए इनकी जानकारी और शॉर्ट ट्रिक्स आना जरूरी है। क्योंकि बायो वाले के लिए कैल्कुलेशन थोड़ा टफ पड़ता है इसलिए वे 10+2 स्तर की मैथ्स की किताबों से महत्वपूर्ण फॉर्मूलों का अध्ययन कर सकते है।
-फिजिक्स के प्रश्नों में विशेष रूप से सरफेस एरिया, वॉल्यूम आदि के टॉपिक्स पर ध्यान देना जरूरी है।
-बायोलॉजी विषय के तैयारी के लिए हर टॉपिक का गहन अध्ययन करना जरूरी है। बायोलॉजी में छोटी-छोटी बातें पूछी जाती है, इसलिए बायोलॉजी की तैयारी के लिए एनसीईआरटी की किताबों का अध्ययन करें।
-रीजनिंग के प्रश्न पत्र में अधिकतर सब्जेक्टिव टाइप के प्रश्न पूछे जाते है। इसलिए रीजनिंग पर ध्यान देना भी जरूरी है। वैसे रीजनिंग बाकी विषयों से सरल पड़ता है इसलिए इस विषय में अच्छा स्कोर किया जा सकता है।
-इस परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग रहती है इसलिए प्रश्नों का उत्तर देते समय ध्यान रहे कि जब तक आप उत्तर को लेकर पूरी तरह से संतुष्ट नही है तब तक उस प्रश्न का उत्तर न दें।
-ज्यादा से ज्यादा प्रश्नों को अटैंड करने की कोशिश करें क्योंकि इससे चयनित होने के चांस बढ़ जाते है।
-घर पर तैयारी करते समय आप पिछले साल प्रश्न पत्रों का टाइमर लगाकर हल करें ताकि इससे आपके कम समय में ज्यादा प्रश्न हल करने की क्षमता बढ़ेगी।
-इस परीक्षा के लिए अलग से शॉर्ट नोट्स बनाए ताकि तैयारी करते वक्त आखिरी समय में आसानी से पूरे सिलेबस का रिविजन किया जा सके।
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